Kundali
बिल्कुल सही कुंडली की पहचान
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कभी कभी कई कारणों से जन्मकुंडली गलत बन जाती है जैसे घडी की गड़बड़, लोकल समय या सूर्य समय में अंतर से, पृथ्वी के ऊँचे-नीचे शहरों से, सूर्योदय के फर्क से या किसी भी कारण से अक्सर जन्म कुंडली गलत बन जाती है. जिस कारण ज्योतिषी द्वारा बताये गए उपाय से कोई फायदा नही होता।

कई बार ज्योतिषी आपकी कुंडली से जो लक्षण बताता है वह आपसे मेल नही खाते। ऐसे में कुंडली को शुद्ध( करेक्ट) करके ही देखना चाहिए। फिर जातक के हाव–भाव व् लक्षणों से सही जन्मकुंडली बनानी चाहिये। हर लगन की अपनी विशेषतायें होती है जो जातक से जरूर मेल खायेंगी।
अभी एक व्यक्ति की जन्म कुंडली विश्लेषण के लिए आई जो की तुला लगन की कुंडली थी लेकिन कुछ भी लक्षण तुला लगन के नही थे । जब कुंडली सिर्फ 10 मिनट पीछे लेके जाना पड़ा तब नक्षत्र बदलने के कारण वो कुंडली कन्या लगन की बनी और सभी लक्षण व् समस्याए मेल खाने लगी.
अर्थात कुंडली विश्लेषण करने से पूर्व जातक के व्यक्तिगत जीवन, पारिवारिक जीवन इत्यादि से संबंधित प्रश्न करके, हस्त रेखाओं से मिलान करके उसकी वास्तविक जन्म कुंडली तैयार करने के पश्चात विश्लेषण करना चाहिए अन्यथा फलादेश गलत होगा।
 
मित्रों मेरे पास बहुत से ऐसे साथी आते हैं जो जीवन के प्रारम्भ से ही या यूँ कहिये की काफी वर्ष पूर्व से जिस कुंडली को अपनी कुंडली समझ कर ज्योतिषी को दिखाते रहे हैं और उस ज्योतिषी के द्वारा बताये गए उपाय से उनको कोई फायदा नही होने पर ज्योतिषी को कोसते हैं और यदि हम उनकी कुंडली देख कर कह दें की यह आपकी कुंडली नही है तो उन महाशय को ये बात कभी कभी नागवार लगती है। जबकि कोई भी जानकार और अनुभवी ज्योतिष् आपके जन्म विवरण के आधार पर बता सकता है की वह कुंडली सही है या गलत।

अतः आप सभी से निवेदन है की अपनी या अपनो की कुंडली दिखाते समय ज्योतिष् का पूरा सहयोग करें और जल्दी ना मचाये एवं पूरा विश्वासः रखें।कुंडली का अधिकतम विश्लेषण फार्मूला अर्थात सूत्र पर आधारित होता है तथा सूत्र लगाते समय एकाग्रता एवं शांति की आवश्यकता होती है जिसमे आपके सपोर्ट की आवश्यकता पड़ती है अन्यथा फल गलत निकलेगा।

कुंडली विश्लेषण के पश्चात जो उपाय आपको बताएं जाएं उसे सच्चे मन एवं विश्वास से जरूर करें।

दूसरी बात यह है की अपनी और अपनों की जन्म कुंडली का विश्लेषण प्रति तीन माह पर अवश्य कराना चाहिए।

यदि आपकी कुंडली (जन्म तारीख समय ) किसी कारण बस नही है तो किसी जानकार एस्ट्रोलोजर से बनवा लेनी चाहिए।
Gemology
Importance of perfect toughness & Gravity of planets in your life:~
Dear friends,

As U know the Horoscope of each and every person have the same planetes(9), same rashi(12) and same nakshatra (27+1) but their life activities,financial positions, career, family extra are not the same . Do you know why. ?…..that is due to variation of flexibility & toughness of their planets which are situated in their horoscope.

The perfect gravity (toughness and accurate flexibility) of planets situated in your horoscope give 100/% positive results in your life. Gemstones are very important to give positive effects to your planets.
U know very well there r too much difference in the men to men’s gravities of planets. Just I want to explain about it.
 
Low & high gravity of gems may affect your life's activities while accurate gravity of gems will be 100% perfect gems for you.

The toughness & flexibility is calculated by the combination of degrees of your planets, nakshatra, charan, planet is situated in which rashi. etc

Each and every planet has their own responsibilities given by nature to your life.

Why Astrologer advice to wear gemstone because of the weakness of your planets.

If The dasha-antardasha-pratyantar dasha is weak it means that the time duration of your life will be panic, tensionful life, financial problem ( less income & high expenses) etc, it means the gravity of that planet is not perfect. But it is the subject of verification that is how much gravity is needed to your planets in horoscope.

Lastly, it is my humble request that before purchasing the gems,you must verify it’s gravity by the perfect Astrologer.

Note:- it's a fact that the shopkeeper knows only the price and originality of stone but he can’t verify the gravity of your planet which is situated in your horoscope.